नैनीताल: 'शशिशेखर' शिवा के सानिध्य में 266 गुना ज़ूम से निहारें चंद्रमा के क्रेटर; बुद्ध पूर्णिमा पर स्टोनले में विशेष आयोजन
नैनीताल। सरोवर नगरी में इस वर्ष की बुद्ध पूर्णिमा खगोल प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा संगम लेकर आ रही है। आगामी 01 मई 2026 की शाम, 'कॉस्मिकाई' (KOSMIKAI) पहल के तहत तल्लीताल के स्टोनले क्षेत्र में एक विशेष 'चंद्र दर्शन' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
यह आयोजन स्टोनले रोड स्थित शिव मंदिर (जज कोठी के पास) के प्रांगण में संपन्न होगा। भगवान शिव, जिन्हें 'शशिशेखर' यानी अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण करने वाला कहा जाता है, उनके मंदिर परिसर में चंद्रमा का ऐसा सूक्ष्म अवलोकन अपने आप में आध्यात्मिक और वैज्ञानिक अनुभव का मिश्रण होगा।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
- चंद्रमा का अभूतपूर्व अवलोकन (266x मैग्निफिकेशन): इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 8-इंच सेलेस्ट्रॉन डॉबसनियन स्टारसेंस (8-inch Celestron Dobsonian StarSense) टेलिस्कोप होगा। इस अत्याधुनिक टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा को उसकी सामान्य स्थिति से 266 गुना अधिक बड़ा करके दिखाया जाएगा। इतनी उच्च क्षमता के मैग्निफिकेशन से प्रतिभागी चंद्रमा की सतह पर मौजूद पर्वत शृंखलाओं और गहरे क्रेटरों (गड्ढों) को बिल्कुल करीब से देख पाएंगे।
- खगोल विज्ञान और स्टारगेजिंग: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को रात्रि आकाश में चमकते ग्रहों और नक्षत्रों की पहचान करने के साथ-साथ उनके पीछे छिपे विज्ञान की जानकारी भी दी जाएगी।
- एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशाला: मोबाइल और कैमरों के माध्यम से खगोलीय पिंडों की बेहतरीन तस्वीरें लेने की बारीकियां भी साझा की जाएंगी।

प्रकाश प्रदूषण (Light Pollution) के प्रति जागरूकता: आयोजन के अंत में बढ़ते प्रकाश प्रदूषण पर एक विशेष चर्चा की जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि कैसे शहरों की अत्यधिक रोशनी हमारे रात के आकाश को प्रभावित कर रही है। कॉस्मिकाई का यह प्रयास है कि लोगों को 'डार्क स्काई' (अंधेरे आकाश) के प्रति जागरूक किया जाए ताकि नैनीताल के स्वच्छ आकाश की भव्यता को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
स्थान: शिव मंदिर (जज कोठी के पास), स्टोनले रोड, तल्लीताल, नैनीताल
दिनांक: 01 मई 2026 (बुद्ध पूर्णिमा)
समय: शाम 07:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक
संपर्क: कार्यक्रम के संबंध में अधिक जानकारी प्रमोद सिंह खाती से प्राप्त की जा सकती है।
ब्रह्मांड की इस दिव्य और वैज्ञानिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए सभी नगरवासियों और पर्यटकों का स्वागत है।


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